किशोर सत्संग प्रवीण – स्वामिनी वातो का सारांश

 


अध्याय सारांश (Hindi)

स्वामी बताते हैं कि भगवान ने जो दिया है उसमें संतोष रखना चाहिए। अधिक धन की इच्छा से मनुष्य भगवान को भूल जाता है।

गरीब व्यक्ति संतोष से सुखी था, पर ९९ रुपये मिलने पर वह लालच में पड़ गया और उसकी शांति चली गई।


मुख्य बिंदु (Hindi)

• संतोष रखना
• अधिक धन → अशांति
• गरीब → सुखी
• ९९ रुपये → लालच
• शांति नष्ट



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