अक्षरब्रह्म तत्व - solution

 प्रश्न: तत्त्वपंचक में माया से परे और परब्रह्म के बाद द्वितीय क्रम में कौन-सा तत्त्व आता है?

विकल्प:
A. जीव
B. अक्षरब्रह्म
C. ईश्वर
D. माया

सही उत्तर: B. अक्षरब्रह्म


प्रश्न: अक्षरब्रह्म के लिए अक्षर, मूल अक्षर, अनादि अक्षर और ब्रह्म जैसे नाम भी प्रयुक्त होते हैं।

विकल्प:
A. सही
B. गलत

सही उत्तर: A. सही


प्रश्न: 'अक्षरात् परतः परः' के अनुसार अक्षरब्रह्म से परे _____ है।

विकल्प:
A. जीव
B. परब्रह्म
C. ईश्वर
D. माया

सही उत्तर: B. परब्रह्म


प्रश्न: 'यः सेतुरीजानानाम् अक्षरं ब्रह्म यत्परम्' के अनुसार अक्षरब्रह्म क्या है?

विकल्प:
A. परमात्मा की उपासना करने वालों के लिए सेतु
B. माया
C. जीव
D. प्रकृति

सही उत्तर: A. परमात्मा की उपासना करने वालों के लिए सेतु


प्रश्न: पूर्व के आचार्य अक्षरब्रह्म को यथार्थ रूप से समझ और समझा सके थे।

विकल्प:
A. सही
B. गलत

सही उत्तर: B. गलत


प्रश्न: परब्रह्म भगवान स्वामिनारायण ने अक्षरब्रह्म का _____ निरूपण किया है।

विकल्प:
A. यथार्थ
B. आंशिक
C. काल्पनिक
D. अस्पष्ट

सही उत्तर: A. यथार्थ


प्रश्न: स्वामिनारायण दर्शन में अक्षरब्रह्म को किस प्रकार स्वीकार किया गया है?

विकल्प:
A. माया के साथ एकरूप
B. परब्रह्म से भिन्न अनादि तत्त्व
C. जीव के समान
D. ईश्वर के समान

सही उत्तर: B. परब्रह्म से भिन्न अनादि तत्त्व


प्रश्न: मुक्ति और भगवान का साक्षात्कार चाहने वाले साधक के लिए अक्षरब्रह्म को समझना अनिवार्य है।

विकल्प:
A. सही
B. गलत

सही उत्तर: A. सही


प्रश्न: अक्षरब्रह्म को समझे बिना भगवान का _____ नहीं होता।

विकल्प:
A. निश्चय
B. पूजन
C. स्मरण
D. वंदन

सही उत्तर: A. निश्चय


प्रश्न: 'ब्रह्मविद् आप्नोति परम्' का अर्थ क्या होता है?

विकल्प:
A. जो ब्रह्म को जानता है वह परब्रह्म को प्राप्त करता है
B. जो जीव को जानता है वह मुक्त हो जाता है
C. जो माया को जानता है वह धनवान बन जाता है
D. जो ईश्वर को जानता है वह राजा बन जाता है

सही उत्तर: A. जो ब्रह्म को जानता है वह परब्रह्म को प्राप्त करता है


प्रश्न: अक्षररूप होना और पुरुषोत्तम की भक्ति करना श्री स्वामिनारायण दर्शन का मूल सिद्धांत है।

विकल्प:
A. सही
B. गलत

सही उत्तर: A. सही


प्रश्न: 'ब्रह्म वेद ब्रह्मैव भवति' के अनुसार ब्रह्म को जानने वाला क्या बनता है?

विकल्प:
A. ईश्वर
B. ब्रह्मरूप
C. राजा
D. संन्यासी

सही उत्तर: B. ब्रह्मरूप


प्रश्न: ब्रह्म का संग करने से ब्रह्म का _____ जीव में आता है।

विकल्प:
A. गुण
B. देह
C. जन्म
D. वंश

सही उत्तर: A. गुण


प्रश्न: अक्षरब्रह्म जीव, ईश्वर, माया और परब्रह्म से भिन्न अनादि तत्त्व है।

विकल्प:
A. सही
B. गलत

सही उत्तर: A. सही


प्रश्न: अक्षरब्रह्म कितने हैं?

विकल्प:
A. अनंत
B. दो
C. एक और अद्वितीय
D. चार

सही उत्तर: C. एक और अद्वितीय


प्रश्न: 'उस ब्रह्म से परे परब्रह्म जो पुरुषोत्तम नारायण हैं वे _____ हैं।'

विकल्प:
A. अलग
B. एकरूप
C. मायिक
D. जीवरूप

सही उत्तर: A. अलग


प्रश्न: कुछ लोग अक्षरब्रह्म को परब्रह्म का तेज मानते हैं, लेकिन पाठ में इसे गलत बताया गया है।

विकल्प:
A. सही
B. गलत

सही उत्तर: A. सही


प्रश्न: वच. ग.प्र.-४५ में परब्रह्म के तेज को क्या कहा गया है?

विकल्प:
A. अक्षरब्रह्म
B. सच्चिदानंद ब्रह्म
C. जीव
D. माया

सही उत्तर: B. सच्चिदानंद ब्रह्म


प्रश्न: अक्षरब्रह्म और परब्रह्म तात्त्विक रूप से एक ही हैं।

विकल्प:
A. सही
B. गलत

सही उत्तर: B. गलत


प्रश्न: अक्षरब्रह्म अनादि काल से _____ से पर है।

विकल्प:
A. माया
B. जीव
C. ईश्वर
D. अक्षरमुक्त

सही उत्तर: A. माया


प्रश्न: अक्षरब्रह्म किसके सेवक हैं?

विकल्प:
A. जीव
B. ईश्वर
C. परब्रह्म
D. अक्षरमुक्त

सही उत्तर: C. परब्रह्म


प्रश्न: अक्षरब्रह्म अनंत कोटि ब्रह्मांडों के आधार, नियंता, द्रष्टा और शास्ता हैं।

विकल्प:
A. सही
B. गलत

सही उत्तर: A. सही


प्रश्न: अक्षरब्रह्म स्वयं स्वतंत्र नहीं हैं, बल्कि _____ के अधीन हैं।

विकल्प:
A. परब्रह्म
B. जीव
C. ईश्वर
D. माया

सही उत्तर: A. परब्रह्म


प्रश्न: 'अक्षरब्रह्म एक और अद्वितीय हैं, वे मेरे सर्वोत्तम सेवक हैं' ऐसा किसने कहा?

विकल्प:
A. गुणातीतानंद स्वामी
B. भगवान स्वामिनारायण
C. मुक्तानंद स्वामी
D. शास्त्रीजी महाराज

सही उत्तर: B. भगवान स्वामिनारायण

प्रश्न: भगवान स्वामिनारायण अक्षरब्रह्म को गुणातीतानंद स्वामीरूप में अपने साथ इस लोक में लाए थे।

विकल्प:
A. सही
B. गलत

सही उत्तर: A. सही


प्रश्न: इस लोक में पधारे अक्षरब्रह्म के रूप में _____ का उल्लेख हुआ है।

विकल्प:
A. मुक्तानंद स्वामी
B. गुणातीतानंद स्वामी
C. गोपालानंद स्वामी
D. निष्कुलानंद स्वामी

सही उत्तर: B. गुणातीतानंद स्वामी


प्रश्न: सारंगपुर में हुताशनी के समैया के दौरान महाराज ने कहा, 'ऐसे सद्गुरु तो ये _____ मूल अक्षर हैं।'

विकल्प:
A. मुक्तानंद स्वामी
B. गुणातीतानंद स्वामी
C. आनंद स्वामी
D. गोपालानंद स्वामी

सही उत्तर: B. गुणातीतानंद स्वामी


प्रश्न: 'हम तो साक्षात् सद्गुरु के उपास्य पुरुषोत्तम भगवान हैं' ऐसा किसने कहा?

विकल्प:
A. मुक्तानंद स्वामी
B. गुणातीतानंद स्वामी
C. श्रीजीमहाराज
D. आनंद स्वामी

सही उत्तर: C. श्रीजीमहाराज


प्रश्न: मुक्तानंद स्वामी और आनंद स्वामी ने उत्तर दिया था, 'ऐसे सद्गुरु तो आप हैं।'

विकल्प:
A. सही
B. गलत

सही उत्तर: A. सही


प्रश्न: 'जुगो जुग जीवो ऐसे जोगी' कहकर श्रीजीमहाराज ने किसकी छाती पर छड़ी लगाई थी?

विकल्प:
A. ब्रह्मानंद स्वामी
B. मुक्तानंद स्वामी
C. गुणातीतानंद स्वामी
D. आनंद स्वामी

सही उत्तर: C. गुणातीतानंद स्वामी


प्रश्न: राठौड़ धाधल ने यह प्रसंग जसा गोर और नागजी सेठ को सुनाया था।

विकल्प:
A. सही
B. गलत

सही उत्तर: A. सही


प्रश्न: कृष्णचरणदास किसके शिष्य थे?

विकल्प:
A. शुकस्वामी
B. सिद्धानंद स्वामी
C. गुणातीतानंद स्वामी
D. ब्रह्मानंद स्वामी

सही उत्तर: B. सिद्धानंद स्वामी


प्रश्न: कृष्णचरणदास ने वर्ताल में _____ से प्रश्न पूछा था।

विकल्प:
A. मुक्तानंद स्वामी
B. शुकस्वामी
C. नित्यानंद स्वामी
D. गोपालानंद स्वामी

सही उत्तर: B. शुकस्वामी


प्रश्न: शुकस्वामी ने कहा था कि गुणातीतानंद स्वामी का महिमा स्वयं श्रीजीमहाराज ने कहा है।

विकल्प:
A. सही
B. गलत

सही उत्तर: A. सही


प्रश्न: बीमार साधु की सेवा में रहते हुए स्वामी ने कितनी गुदड़ियाँ धोई थीं?

विकल्प:
A. १८
B. १०
C. २८
D. १२

सही उत्तर: A. १८


प्रश्न: गुदड़ियाँ धोकर स्वामी _____ से वापस आ रहे थे।

विकल्प:
A. वर्ताल
B. गोमती
C. सारंगपुर
D. जूनागढ़

सही उत्तर: B. गोमती


प्रश्न: महाराज ने ब्रह्मानंद स्वामी से पूछा था, 'क्या आप इस साधु को पहचानते हैं?'

विकल्प:
A. सही
B. गलत

सही उत्तर: A. सही


प्रश्न: 'वे तो अखंड हमारी मूर्ति तीनों अवस्थाओं में धारण किए हुए हैं' ऐसा किसके बारे में कहा गया?

विकल्प:
A. मुक्तानंद स्वामी
B. गुणातीतानंद स्वामी
C. शुकस्वामी
D. सिद्धानंद स्वामी

सही उत्तर: B. गुणातीतानंद स्वामी


प्रश्न: श्रीजीमहाराज ने कहा था कि भविष्य में जितने लोग उनके पीछे चलेंगे उतने ही गुणातीतानंद स्वामी के पीछे भी चलेंगे।

विकल्प:
A. सही
B. गलत

सही उत्तर: A. सही


प्रश्न: 'हमारा सर्वोपरि ज्ञान वह _____ करेगा।'

विकल्प:
A. लिखेगा
B. प्रवर्तित करेगा
C. छिपाएगा
D. बंद करेगा

सही उत्तर: B. प्रवर्तित करेगा


प्रश्न: श्रीहरिलीलाकल्पतरु ग्रंथ किसने तैयार करवाया था?

विकल्प:
A. शास्त्रीजी महाराज
B. रघुवीरजी महाराज
C. विहारीलालजी महाराज
D. गोपालानंद स्वामी

सही उत्तर: B. रघुवीरजी महाराज


प्रश्न: श्रीहरिलीलाकल्पतरु संस्कृत ग्रंथ ब्रह्मचारी अचिंत्यानंदवर्णी से तैयार करवाया गया था।

विकल्प:
A. सही
B. गलत

सही उत्तर: A. सही

प्रश्न: विक्रम संवत _____ में डभाण में गुणातीतानंद स्वामी को दीक्षा दी गई।

विकल्प:
A. १८६६
B. १८८६
C. १८६०
D. १८७६

सही उत्तर: A. १८६६


प्रश्न: दीक्षा के समय गुणातीतानंद स्वामी को किस नाम से संबोधित किया गया था?

विकल्प:
A. मूलजी शर्मा
B. मूलचंद
C. मूलदास
D. मुकुंददास

सही उत्तर: A. मूलजी शर्मा


प्रश्न: मूलजी शर्मा को श्रीहरि ने अपना मूर्तिमान अक्षरब्रह्मधाम कहा था।

विकल्प:
A. सही
B. गलत

सही उत्तर: A. सही


प्रश्न: मालजी सोनी ने गोपालानंद स्वामी से _____ के विषय में प्रश्न पूछा था।

विकल्प:
A. अक्षरधाम
B. समाधि
C. वचनामृत
D. मुक्ति

सही उत्तर: A. अक्षरधाम


प्रश्न: 'जो मेरे पास बैठे हैं, वे गुणातीतानंद स्वामी ही अक्षर हैं' ऐसा किसने कहा?

विकल्प:
A. विहारीलालजी महाराज
B. गोपालानंद स्वामी
C. शुकस्वामी
D. रघुवीरजी महाराज

सही उत्तर: B. गोपालानंद स्वामी


प्रश्न: नृसिंहानंद स्वामी ने कुंवरजी पटेल को समझाया था कि गुणातीतानंद स्वामी अक्षरधाम हैं।

विकल्प:
A. सही
B. गलत

सही उत्तर: A. सही


प्रश्न: कुंवरजी पटेल किस गाँव के थे?

विकल्प:
A. महुवा
B. इंगोराला
C. भोयका
D. वंथली

सही उत्तर: B. इंगोराला


प्रश्न: विहारीलालजी महाराज ने गुणातीतानंद स्वामी के लिए '_____ मूर्ति' शब्द का प्रयोग किया है।

विकल्प:
A. दिव्य
B. अक्षर
C. ब्रह्म
D. संत

सही उत्तर: B. अक्षर


प्रश्न: विहारीलालजी महाराज को बाल्यावस्था में गुणातीतानंद स्वामी ने कंठी पहनाई थी।

विकल्प:
A. सही
B. गलत

सही उत्तर: A. सही


प्रश्न: वंथली में देवजीभाई ने 'अक्षर कैसा होगा?' यह प्रश्न किससे पूछा?

विकल्प:
A. श्रीजीमहाराज
B. गोपालानंद स्वामी
C. गुणातीतानंद स्वामी
D. शुकस्वामी

सही उत्तर: C. गुणातीतानंद स्वामी


प्रश्न: देवजीभाई से स्वामी ने कहा, 'जो तुम्हारे घर में बैठा है, वही अक्षर है।'

विकल्प:
A. सही
B. गलत

सही उत्तर: A. सही


प्रश्न: स्वामीनी वातो (3/38) के अनुसार महाराज को _____ जानना।

विकल्प:
A. अवतार
B. पुरुषोत्तम
C. अक्षर
D. संत

सही उत्तर: B. पुरुषोत्तम


प्रश्न: स्वामीनी वातो के अनुसार 'इस साधु को अक्षर जानना' ऐसा कहा गया है।

विकल्प:
A. सही
B. गलत

सही उत्तर: A. सही


प्रश्न: शास्त्रीजी महाराज द्वारा अक्षरब्रह्मपना का प्रवर्तन करने से पहले भी गुणातीतानंद स्वामी अक्षरब्रह्म हैं, यह बात संप्रदाय में _____ थी।

विकल्प:
A. गुप्त
B. प्रचलित
C. अज्ञात
D. विवादित

सही उत्तर: B. प्रचलित


प्रश्न: गुणातीतानंद स्वामी अक्षरब्रह्म हैं, इसके प्रमाण के लिए ऐतिहासिक साक्ष्य आज भी उपलब्ध हैं।

विकल्प:
A. सही
B. गलत

सही उत्तर: A. सही


प्रश्न: पुराने मंदिरों की पट्टिकाओं और शिलालेखों में गुणातीतानंद स्वामी के नाम के आगे क्या लिखा हुआ मिलता है?

विकल्प:
A. परमहंस
B. मूल अक्षर
C. महंत
D. योगी

सही उत्तर: B. मूल अक्षर


प्रश्न: जेतपुर के पुराने मंदिर में गुणातीतानंद स्वामी और श्रीहरि की _____ मूर्ति है।

विकल्प:
A. अलग
B. युगल
C. पंचधातु
D. स्थायी

सही उत्तर: B. युगल


प्रश्न: जेतपुर की मूर्ति के नीचे गुणातीतानंद स्वामी के लिए 'मूल अक्षरमूर्ति गुणातीतानंद स्वामी' लिखा हुआ है।

विकल्प:
A. सही
B. गलत

सही उत्तर: A. सही


प्रश्न: श्रीहरि की मूर्ति के नीचे क्या लिखा हुआ है?

विकल्प:
A. अनादि अक्षर
B. पूर्ण पुरुषोत्तम सहजानंद स्वामी
C. मूल अक्षरमूर्ति
D. अक्षरधामपति

सही उत्तर: B. पूर्ण पुरुषोत्तम सहजानंद स्वामी


प्रश्न: गुणातीतानंद स्वामी अंतिम समय में _____ में एक स्तंभ का सहारा लेकर बैठे थे।

विकल्प:
A. जेतपुर
B. गोंडल
C. वंथली
D. जूनागढ़

सही उत्तर: B. गोंडल

प्रश्न: गोंडल के स्तंभ पर 'अक्षरमूर्ति सद्गुरु गुणातीतानंद स्वामी' लिखा हुआ है।

विकल्प:
A. सही
B. गलत

सही उत्तर: A. सही


प्रश्न: गुणातीतानंद स्वामी के अग्निसंस्कार स्थल पर देरी किसने बनवाई थी?

विकल्प:
A. मोंघीबा
B. कुशलकुंवरबा
C. जीवूबा
D. लाडूबा

सही उत्तर: A. मोंघीबा


प्रश्न: यह देरी वर्षों से _____ के रूप में प्रसिद्ध है।

विकल्प:
A. महंत देरी
B. अक्षर देरी
C. मूल देरी
D. सद्गुरु देरी

सही उत्तर: B. अक्षर देरी


प्रश्न: मुक्तानंद स्वामी के अग्निसंस्कार स्थल को भी 'अक्षर देरी' कहा जाता है।

विकल्प:
A. सही
B. गलत

सही उत्तर: B. गलत


प्रश्न: 'मैं तो चिरंजीवी हूँ' ऐसा किसने कहा?

विकल्प:
A. शास्त्रीजी महाराज
B. गुणातीतानंद स्वामी
C. योगीजी महाराज
D. भगतजी महाराज

सही उत्तर: B. गुणातीतानंद स्वामी


प्रश्न: अक्षरब्रह्म _____ गुरु-परंपरा के रूप में पृथ्वी पर अखंड प्रगट रहते हैं।

विकल्प:
A. संत
B. गुणातीत
C. आचार्य
D. परमहंस

सही उत्तर: B. गुणातीत


प्रश्न: योगीजी महाराज ने कहा था कि अक्षरब्रह्म पृथ्वी पर सदैव विराजमान रहते हैं।

विकल्प:
A. सही
B. गलत

सही उत्तर: A. सही


प्रश्न: गुणातीतानंद स्वामी के बाद गुरु-परंपरा में सबसे पहले कौन आते हैं?

विकल्प:
A. योगीजी महाराज
B. भगतजी महाराज
C. प्रमुखस्वामी महाराज
D. महंतस्वामी महाराज

सही उत्तर: B. भगतजी महाराज


प्रश्न: क्रम के अनुसार भगतजी महाराज के बाद _____ महाराज आते हैं।

विकल्प:
A. योगीजी
B. प्रमुखस्वामी
C. शास्त्रीजी
D. महंतस्वामी

सही उत्तर: C. शास्त्रीजी


प्रश्न: आज प्रगट अक्षरब्रह्म के रूप में महंतस्वामी महाराज विराजमान हैं।

विकल्प:
A. सही
B. गलत

सही उत्तर: A. सही


प्रश्न: ब्राह्मीस्थिति, एकांतिक स्थिति और गुणातीत स्थिति जैसे लक्षण किसके जीवन में सहज सिद्ध होते हैं?

विकल्प:
A. सामान्य संत
B. प्रगट अक्षरब्रह्म गुरु
C. गृहस्थ भक्त
D. ईश्वर

सही उत्तर: B. प्रगट अक्षरब्रह्म गुरु


प्रश्न: आत्यंतिक कल्याण के लिए मुमुक्षु को परब्रह्म और प्रगट अक्षरब्रह्म गुरूहरी के प्रति _____ करनी चाहिए।

विकल्प:
A. निर्दोषबुद्धि
B. स्पर्धा
C. शंका
D. अवगणना

सही उत्तर: A. निर्दोषबुद्धि


प्रश्न: स्वामिनारायणी साधना का सार क्या बताया गया है?

विकल्प:
A. मन, कर्म और वचन से गुरूहरी को राजी करना
B. केवल शास्त्र पढ़ना
C. केवल तप करना
D. केवल यात्रा करना

सही उत्तर: A. मन, कर्म और वचन से गुरूहरी को राजी करना

0 comments

સત્સંગદીક્ષા શ્લોક - Test | सत्संग दीक्षा श्लोक - Test

સત્સંગદીક્ષા શ્લોક - Test | सत्संग दीक्षा श्लोक - Test Satsang Diksha Shlok ગુજરાતી हिन्दी