प्रश्न: मरी हुई घोड़ी को जीवित करने वाले कौन थे?
विकल्प:
A. मुक्तानंद स्वामी
B. व्यापकानंद स्वामी
C. स्वरूपानंद स्वामी
D. गोपालानंद स्वामी
सही उत्तर: B. व्यापकानंद स्वामी
प्रश्न: जगत में जलकमलवत् रहने की अवस्था को _____ अवस्था कहा गया है।
विकल्प:
A. संन्यासी
B. जीवन्मुक्त
C. योगी
D. राजवी
सही उत्तर: B. जीवन्मुक्त
प्रश्न: भगवान के प्रगटपन को समझना अत्यंत आवश्यक है।
विकल्प:
A. गलत
B. सही
सही उत्तर: B. सही
प्रश्न: अक्षरब्रह्म माया से परे और परम पवित्र पात्र है।
विकल्प:
A. गलत
B. सही
सही उत्तर: B. सही
प्रश्न: 'अक्षरात् परतः परः' के अनुसार अक्षरब्रह्म से परे _____ है।
विकल्प:
A. जीव
B. परब्रह्म
C. ईश्वर
D. माया
सही उत्तर: B. परब्रह्म
प्रश्न: अक्षरब्रह्म अनादि काल से _____ से पर है।
विकल्प:
A. माया
B. जीव
C. ईश्वर
D. अक्षरमुक्त
सही उत्तर: A. माया
प्रश्न: गृहस्थ सत्संगी को _____ की सेवा करनी चाहिए।
विकल्प:
A. माता-पिता
B. मित्र
C. पड़ोसी
D. अधिकारी
सही उत्तर: A. माता-पिता
प्रश्न: नित्य तत्त्वों का ज्ञान अर्थात जिसकी उत्पत्ति और विनाश नहीं है।
विकल्प:
A. सही
B. गलत
सही उत्तर: A. सही
प्रश्न: बी.ए.पी.एस. स्वामिनारायण संस्था की स्थापना ब्रह्मस्वरूप शास्त्रीजी महाराज ने की।
विकल्प:
A. सही
B. गलत
सही उत्तर: A. सही
प्रश्न: ईश्वरों में विद्यमान सत्ता, ऐश्वर्य और सर्वज्ञता _____ के अधीन हैं।
विकल्प:
A. जीव
B. परब्रह्म पुरुषोत्तम नारायण
C. माया
D. अक्षरब्रह्म
सही उत्तर: B. परब्रह्म पुरुषोत्तम नारायण
प्रश्न: सत्संग और भजन के बिना व्यर्थ _____ न बिताना चाहिए।
विकल्प:
A. समय
B. धन
C. अध्ययन
D. समूह
सही उत्तर: A. समय
प्रश्न: मालजी सोनी ने गोपालानंद स्वामी से _____ के बारे में प्रश्न पूछा था।
विकल्प:
A. अक्षरधाम
B. समाधि
C. वचनामृत
D. मुक्ति
सही उत्तर: A. अक्षरधाम
प्रश्न: भगवान का आकार किसके आकार जैसा है?
विकल्प:
A. देवता
B. मनुष्य
C. प्राणी
D. ज्योति
सही उत्तर: B. मनुष्य
प्रश्न: वचनामृत गढ़डा प्रथम ७ के अनुसार कौन-से पाँच भेद अनादि हैं?
विकल्प:
A. जीव, कर्म, माया, जन्म, मृत्यु
B. अक्षर, कर्म, जीव, शरीर, योनि
C. पुरुषोत्तम, अक्षरब्रह्म, माया, ईश्वर, जीव
D. ईश्वर, शरीर, वनस्पति, देवता, माया
सही उत्तर: C. पुरुषोत्तम, अक्षरब्रह्म, माया, ईश्वर, जीव
प्रश्न: जिसकी उत्पत्ति नहीं है, जिसका विनाश नहीं है ऐसे _____ तत्त्वों का ज्ञान।
विकल्प:
A. अस्थायी
B. नित्य
C. स्थूल
D. मायिक
सही उत्तर: B. नित्य
प्रश्न: ईश्वर _____ से बंधे हुए हैं।
विकल्प:
A. परब्रह्म
B. जीव
C. माया
D. अक्षरब्रह्म
सही उत्तर: C. माया
प्रश्न: परब्रह्म कौन सा तत्त्व है?
विकल्प:
A. सर्वोपरि तत्त्व
B. जीव तत्त्व
C. माया तत्त्व
D. ईश्वर तत्त्व
सही उत्तर: A. सर्वोपरि तत्त्व
प्रश्न: सूर्यप्रकाश के दृष्टांत से _____ का भेद समझाया गया है।
विकल्प:
A. संपत्ति
B. पात्र की सामर्थ्य
C. समय
D. कर्म
सही उत्तर: B. पात्र की सामर्थ्य
प्रश्न: भगवान स्वामिनारायण अक्षरब्रह्म को गुणातीतानंद स्वामी रूप में अपने साथ इस लोक में लाए थे।
विकल्प:
A. सही
B. गलत
सही उत्तर: A. सही
प्रश्न: शास्त्रीजी महाराज द्वारा प्रचार शुरू करने से पहले भी गुणातीतानंद स्वामी अक्षरब्रह्म हैं यह बात संप्रदाय में _____ थी।
विकल्प:
A. गुप्त
B. प्रचलित
C. अज्ञात
D. विवादित
सही उत्तर: B. प्रचलित
प्रश्न: गुरु की सेवा तथा _____ करना चाहिए।
विकल्प:
A. ध्यान
B. विवाद
C. आलोचना
D. परीक्षा
सही उत्तर: A. ध्यान
प्रश्न: बाहरी और आंतरिक सभी प्रकार की _____ का पालन करना चाहिए।
विकल्प:
A. शुद्धता
B. अशुद्धता
C. चिंता
D. स्पर्धा
सही उत्तर: A. शुद्धता
प्रश्न: वचनामृत ग.म.-21 अनुसार परमेश्वर देश, काल, कर्म और _____ के प्रेरक हैं।
विकल्प:
A. माया
B. जीव
C. ईश्वर
D. अक्षरब्रह्म
सही उत्तर: A. माया
प्रश्न: अक्षरब्रह्मस्वरूप _____ द्वारा भगवान सदैव प्रकट रहते हैं।
विकल्प:
A. गुरु
B. भक्त
C. राजा
D. विद्यार्थी
सही उत्तर: A. गुरु
प्रश्न: भगवान की आकृति कैसी है?
विकल्प:
A. मनुष्य जैसी
B. पक्षी जैसी
C. प्राणी जैसी
D. निराकार
सही उत्तर: A. मनुष्य जैसी
प्रश्न: प्रगट भगवान की आवश्यकता श्री स्वामिनारायण दर्शन का मूल सिद्धांत है।
विकल्प:
A. गलत
B. सही
सही उत्तर: B. सही
प्रश्न: अक्षररूप होना और पुरुषोत्तम की भक्ति करना श्री स्वामिनारायण दर्शन का मूल सिद्धांत है।
विकल्प:
A. सही
B. गलत
सही उत्तर: A. सही
प्रश्न: गुणातीतानंद स्वामी अक्षरब्रह्म हैं इसके प्रमाण के लिए ऐतिहासिक साक्ष्य आज भी उपलब्ध हैं।
विकल्प:
A. सही
B. गलत
सही उत्तर: A. सही
प्रश्न: सुबह, शाम या अपने _____ समय पर मंदिर दर्शन करना चाहिए।
विकल्प:
A. अनुकूल
B. खाली
C. छुट्टी के
D. उत्सव के
सही उत्तर: A. अनुकूल
प्रश्न: ब्रह्म और परब्रह्म के महिमा की बातें निरंतर करनी चाहिए।
विकल्प:
A. सही
B. गलत
सही उत्तर: A. सही


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