सत्संग ज्ञानामृत - रिक्त स्थान भरें

 

प्रश्न (1-10)

  1. तत्त्वज्ञान अर्थात _____ का ज्ञान।

  2. जिसकी उत्पत्ति नहीं, जिसका विनाश नहीं ऐसे _____ तत्त्वों का ज्ञान।

  3. भारत में तत्त्वज्ञान केवल बौद्धिक चर्चा और _____ का विषय नहीं है।

  4. अनुभव और साक्षात्कार के लिए संस्कृत में _____ शब्द का प्रयोग होता है।

  5. तत्त्वज्ञान को आचरण में उतारकर अनेक मुमुक्षु भगवान के _____ के मार्ग पर आगे बढ़ सकते हैं।

  6. शुद्ध संप्रदाय की रचना के लिए _____ का आधार आवश्यक है।

  7. स्पष्ट तत्त्वज्ञान के बिना भावुकों का समूह संप्रदाय नहीं बल्कि _____ कहलाता है।

  8. भारतीय वेदान्त परंपरा में _____, उपनिषद और ब्रह्मसूत्र का आधार लिया जाता है।

  9. तीन शास्त्र _____ के रूप में जाने जाते हैं।

  10. भगवान स्वामिनारायण ने _____ ग्रंथ में विशिष्ट तत्त्वज्ञान दिया है।

उत्तर

  1. तत्त्वों

  2. नित्य

  3. वाद-विवाद

  4. दर्शन

  5. साक्षात्कार

  6. तत्त्वज्ञान

  7. पंथ

  8. श्रीमद्भगवद्गीता

  9. प्रस्थानत्रयी

  10. वचनामृत


प्रश्न (11-20)

  1. ब्रह्मस्वरूप _____ महाराज ने बी.ए.पी.एस. स्वामिनारायण संस्था की स्थापना की।

  2. 'श्री स्वामिनारायण भाष्यग्रंथों' के लेखक साधु _____ हैं।

  3. अक्षरपुरुषोत्तम उपासना अर्थात अक्षररूप होकर _____ की उपासना करना।

  4. अक्षररूप होना अर्थात _____ जैसी स्थिति प्राप्त करना।

  5. अक्षरपुरुषोत्तम उपासना स्वामिनारायण भगवान द्वारा दिए गए तत्त्वज्ञान का _____ सिद्धांत है।

  6. परब्रह्म की _____ भाव से उपासना करनी चाहिए।

  7. ब्रह्मज्ञान _____ को प्राप्त करने का निर्विघ्न मार्ग है।

  8. संक्षेप में, अक्षररूप होकर _____ की उपासना करनी चाहिए।

  9. स्वामिनारायण संप्रदाय के तत्त्वज्ञान के मुख्य आधारभूत ग्रंथों में भगवान श्री स्वामिनारायण के _____ सम्मिलित हैं।

  10. अक्षरब्रह्म श्री _____ स्वामी की वचनामृत समान बातें मुख्य ग्रंथों में सम्मिलित हैं।

उत्तर

  1. शास्त्रीजी

  2. भद्रेशदास

  3. पुरुषोत्तम

  4. अक्षरब्रह्म

  5. मूल

  6. स्वामी-सेवक

  7. परमपद

  8. पुरुषोत्तम

  9. वचनामृत

  10. गुणातीतानंद


प्रश्न (21-30)

  1. अक्षरब्रह्म गुणातीतानंद स्वामी ने अपनी _____ द्वारा सिद्धांत समझाया है।

  2. गुणातीतानंद स्वामी ने भगवान स्वामिनारायण के सिद्धांत को अधिक _____ शब्दों में समझाया है।

  3. तत्त्वमीमांसा अर्थात तत्त्वज्ञान में स्वीकार किए गए _____ का निरूपण।

  4. श्री स्वामिनारायण दर्शन में _____ भिन्न तत्त्वों को स्वीकार किया गया है।

  5. पाँचों तत्त्व अनादि और अनंत अर्थात् _____ हैं।

  6. पाँचों तत्त्व सत्य और वास्तविक हैं, परंतु आभासी या _____ नहीं हैं।

  7. पुरुषोत्तम भगवान, अक्षरब्रह्म, माया, ईश्वर और जीव ये पाँच _____ अनादि हैं।

  8. जीव एक _____ तत्त्व है।

  9. जीव जन्म और मृत्यु की प्रक्रिया द्वारा एक शरीर से दूसरे शरीर में _____ करता है।

  10. जीव संख्या की दृष्टि से _____ हैं।

उत्तर

  1. बातों

  2. सरल

  3. तत्त्वों

  4. पाँच

  5. नित्य

  6. काल्पनिक

  7. भेद

  8. चैतन्य

  9. गति

  10. अनंत


प्रश्न (31-40)

  1. जीव से संबंधित दो महत्त्वपूर्ण सिद्धांत हैं – कर्मसिद्धांत और _____।

  2. जीव जो शुभ या अशुभ कर्म करता है उन्हें _____ कर्म कहते हैं।

  3. जीव के पाप-पुण्यरूप संस्कारों के संचय को _____ कर्म कहते हैं।

  4. अनंत जन्मों के कर्मों का _____ जीव के साथ जुड़ा रहता है।

  5. कर्मफलदाता _____ जीव का प्रारब्ध बनाते हैं।

  6. जीव के भाग्य को _____ कर्म कहा जाता है।

  7. जीव के बार-बार जन्म धारण करने की क्रिया को _____ कहते हैं।

  8. माया के बंधन से मुक्त न होने तक जीव _____ लाख योनियों में भटकता है।

  9. जीव कर्मों के _____ रूपी फल भोगने के लिए योनियों में भटकता है।

  10. जीव जब _____ होकर अक्षरधाम को प्राप्त करता है तब कर्मबंधन से मुक्त हो जाता है।

उत्तर

  1. पुनर्जन्मवाद

  2. क्रियमाण

  3. संचित

  4. संचय

  5. परब्रह्म

  6. प्रारब्ध

  7. पुनर्जन्मवाद

  8. चौरासी

  9. सुख-दुःख

  10. ब्रह्मरूप


प्रश्न (41-50)

  1. आत्यंतिक मुक्ति रूप _____ को प्राप्त करने के बाद कर्मबंधन लागू नहीं होता।

  2. मुक्त हुआ जीव प्रारब्ध, क्रियमाण और _____ कर्मों से मुक्त हो जाता है।

  3. मुक्त हुए जीव को फिर _____ नहीं लेना पड़ता।

  4. परब्रह्म पाँचों तत्त्वों में _____ तत्त्व है।

  5. परब्रह्म को परमेश्वर, पुरुषोत्तम, परमात्मा और _____ शब्दों से जाना जाता है।

  6. परब्रह्म अर्थात भगवान _____ हैं।

  7. भगवान के दिव्य गुणों को आत्मसात करने को भगवान का _____ प्राप्त करना कहते हैं।

  8. भगवान का साधर्म्य प्राप्त करने के बाद भी _____ भगवान के साथ स्वामी-सेवक भाव रहता है।

  9. भगवान के अवतार अनेक हैं, परंतु परब्रह्म भगवान _____ ही हैं।

  10. अनंत कोटि ब्रह्मांड की उत्पत्ति, स्थिति और _____ के कर्ता परब्रह्म हैं।

उत्तर

  1. अक्षरधाम

  2. संचित

  3. जन्म

  4. सर्वोच्च

  5. भगवान

  6. एक

  7. साधर्म्यपन

  8. अक्षरब्रह्म

  9. एक

  10. प्रलय

प्रश्न (51-60)

  1. भगवान सबके प्रेरक, शक्तिदाता, कर्मफलदाता और _____ हैं।

  2. परब्रह्म को _____ कहा जाता है क्योंकि वे सबके कर्ता हैं।

  3. परमेश्वर देश, काल, कर्म और _____ के प्रेरक हैं।

  4. परब्रह्म-भगवान सदा दिव्य _____ हैं।

  5. भगवान का आकार _____ के आकार जैसा है।

  6. भगवान के अंग _____ हैं, पंचभूतों से बने हुए नहीं हैं।

  7. भगवान में _____ का लेश भी नहीं है।

  8. भगवान की मूर्ति अत्यंत _____ है।

  9. भगवान की मूर्ति _____ है, फिर भी अत्यधिक तेज के कारण श्वेत दिखाई देती है।

  10. भगवान की मूर्ति _____ है और दो चरण रखती है।

उत्तर

  1. नियामक

  2. सर्वकर्ताहर्ता

  3. माया

  4. साकार

  5. मनुष्य

  6. दिव्य

  7. माया

  8. प्रकाशमय

  9. घनश्याम

  10. द्विभुज


प्रश्न (61-70)

  1. भगवान की मूर्ति अत्यंत _____ है।

  2. भगवान की आकृति _____ जैसी है।

  3. भगवान की मूर्ति _____ है।

  4. परब्रह्म सर्वकर्ता और _____ होने से सर्वोपरि हैं।

  5. परब्रह्म पाँच तत्त्वों में सबसे _____ हैं।

  6. भगवान स्वामिनारायण सभी अवतारों के _____ हैं।

  7. वचनामृत गढ़ड़ा अंत्य 38 अनुसार भगवान सभी कारणों के भी _____ हैं।

  8. भगवान स्वामिनारायण जीवों को _____ बनाकर आत्यंतिक मुक्ति देते हैं।

  9. भगवान स्वामिनारायण के प्राकट्य का मुख्य उद्देश्य जीवों के _____ के लिए है।

  10. भगवान स्वामिनारायण ने योगियों को भी दुर्लभ _____ कराई थी।

उत्तर

  1. सौम्य

  2. मनुष्य

  3. किशोर

  4. सर्वनियंता

  5. परे

  6. अवतारी

  7. कारण

  8. ब्रह्मरूप

  9. आत्यंतिक कल्याण

  10. समाधि


प्रश्न (71-80)

  1. भगवान स्वामिनारायण ने केवल 28 वर्षों में लाखों _____ को नियमबद्ध किया था।

  2. भगवान स्वामिनारायण के दिव्य आकर्षण से एक ही रात में _____ परमहंस बने थे।

  3. महाराज ने परमहंसों को _____ कठिन प्रकरणों से गुजराया था।

  4. समर्थ परमहंसों की कुल संख्या लगभग _____ थी।

  5. स्वरूपानंद स्वामी ने _____ के कुंड खाली करवाए थे।

  6. व्यापकानंद स्वामी ने मरी हुई _____ को जीवित किया था।

  7. गोपालानंद स्वामी ने _____ रोक दिया था।

  8. भादरा में वशराम सुथार के संकल्प से अनंत कीटों ने _____ देह धारण की थी।

  9. भगवान स्वामिनारायण ने अपने जीवनकाल में ही अपने नाम का _____ कराया था।

  10. भगवान स्वामिनारायण ने वर्ताल में दक्षिण शिखर में अपनी मूर्ति _____ नाम से प्रतिष्ठित की।

उत्तर

  1. सत्संगियों

  2. 500

  3. 108

  4. 3000

  5. नरक

  6. घोड़ी

  7. चंद्रग्रहण

  8. चतुर्भुज

  9. भजन

  10. हरिकृष्ण महाराज


प्रश्न (81-90)

  1. अपने जीवनकाल में ही अपनी मूर्ति प्रतिष्ठित करना भगवान स्वामिनारायण का _____ कार्य था।

  2. भगवान स्वामिनारायण ने अपने सहज संपर्क और उपदेश से सैकड़ों लोगों को _____ बनाया था।

  3. श्रीहरि के सान्निध्य में अनेक भक्त _____ स्थिति को प्राप्त हुए थे।

  4. लाडूबा, जीवूबा, झमकूबा और राजबाई _____ निष्ठ स्त्रीभक्त थीं।

  5. गढ़ड़ा के _____ राज्य में रहकर भी निर्लेप भक्त थे।

  6. धर्मपुर की _____ निर्वासनिक स्थिति को प्राप्त हुई थीं।

  7. अगतराई के _____ खेती करते हुए भी श्रीहरि की मूर्ति का अखंड दर्शन करते थे।

  8. मांगरोल के _____ शक्कर और नमक को समान भाव से ग्रहण करते थे।

  9. जोबन पगी जैसे अनेक _____ एकांतिक स्थिति को प्राप्त हुए थे।

  10. जेतलपुर की _____ भी श्रीहरि के योग में आकर कल्याण को प्राप्त हुई।

उत्तर

  1. अभूतपूर्व

  2. ब्रह्मरूप

  3. जीवनमुक्त

  4. ब्रह्मचर्य

  5. दादाखाचर

  6. कुशलकुंवरबा

  7. पर्वतभाई

  8. गोरधनभाई

  9. लुटेरे

  10. गणिका


प्रश्न (91-100)

  1. छाणी के हरिजन _____ भगत की आध्यात्मिक स्थिति असाधारण थी।

  2. लीमली के _____ भक्त की आध्यात्मिक स्थिति भी सामान्य नहीं थी।

  3. श्रीहरि ने कहा कि पूर्व अवतारों ने असुरों का _____ किया था।

  4. संतों ने कहा कि श्रीहरि ने असुरों का नहीं बल्कि _____ का नाश किया है।

  5. काम, क्रोध और लोभ को भक्तचिंतामणि में _____ कहा गया है।

  6. जो काम-क्रोध आदि दोषों का नाश करे वह _____ का अवतारी कहलाता है।

  7. श्रीहरि ने आश्रितों को हरिकृष्ण महाराज को ध्येय और _____ मानकर उपासना करने की आज्ञा दी।

  8. भगवान स्वामिनारायण ने अपने भक्तों को अंतकाल में _____ आने का वचन दिया है।

  9. भगवान स्वामिनारायण ने अपने भक्तों के _____ कल्याण का वचन दिया है।

  10. यदि हमारा वचन मानोगे तो हम जिस _____ से आए हैं वहाँ ले जाएंगे।

उत्तर

  1. तेजा

  2. सगराम

  3. संहार

  4. आसुरीभाव

  5. चांडाल

  6. अवतार

  7. उपास्य

  8. ले जाने

  9. आत्यंतिक

  10. धाम

प्रश्न (101-110)

  1. वचनामृत _____ के अनुसार भगवान ने कल्याण का वचन दिया है।

  2. भक्तचिंतामणि में श्रीहरि ने अपने जनों को _____ लेने आने का वचन दिया है।

  3. श्रीहरि के समय से आज तक ऐसे _____ प्रसंग दर्ज हुए हैं।

  4. भगवान स्वामिनारायण अक्षरब्रह्म गुणातीत _____ की परंपरा द्वारा प्रगट रहते हैं।

  5. श्रीहरि के स्वधामगमन के बाद भी वे गुणातीत _____ द्वारा प्रगट रहे हैं।

  6. आत्यंतिक मुक्ति का _____ मार्ग चलता रहा है।

  7. गुणातीत सत्पुरुष श्रीहरि के _____ स्वरूप समान हैं।

  8. श्रीहरि के समकालीन संतों को मिलने वाला _____ सुख आज भी प्राप्त होता है।

  9. भगवान स्वामिनारायण के जीवन और कार्य का _____ विचार करें तो सर्वोपरीपन दृढ़ होता है।

  10. भगवान स्वामिनारायण सदा _____ हैं।

उत्तर

  1. जेतलपुर-5

  2. अंतकाल में

  3. सैकड़ों

  4. सत्पुरुषों

  5. संत

  6. मुख्य

  7. प्रत्यक्ष

  8. दिव्य

  9. सूक्ष्मता से

  10. सदा


प्रश्न (111-120)

  1. प्रगट भगवान की _____ समझना अत्यंत आवश्यक है।

  2. प्रगट भगवान के योग से _____ कल्याण प्राप्त किया जा सकता है।

  3. 'मुद्दा हाथ आया और कोई काल में वह _____ के मार्ग से न गिरे।'

  4. अनंत जीवों के _____ के लिए पृथ्वी पर भगवान का प्रगटपन आवश्यक है।

  5. भगवान स्वामिनारायण ने विक्रम संवत _____ में देहत्याग किया था।

  6. भगवान गुणातीत _____ द्वारा इस पृथ्वी पर प्रगट रहते हैं।

  7. ज्ञान, भक्ति और वैराग्ययुक्त भक्त के _____ में भगवान निवास करते हैं।

  8. समर्थ भगवान के भक्त संत अनंत _____ का उद्धार करते हैं।

  9. समर्थ भगवान के भक्त संत और भगवान में कोई _____ नहीं है।

  10. ऐसे संत का दर्शन होने पर साक्षात् _____ का दर्शन हुआ ऐसा मानना चाहिए।

उत्तर

  1. आवश्यकता

  2. आत्यंतिक

  3. कल्याण

  4. मोक्ष

  5. 1886

  6. सत्पुरुष

  7. हृदय

  8. जीवों

  9. भेद

  10. भगवान


प्रश्न (121-130)

  1. भगवान के अंतर्धान के बाद _____ द्वारा कल्याण का मार्ग चलता रहता है।

  2. भगवान प्रत्यक्ष न हों तब भगवान को प्राप्त _____ का आश्रय करना चाहिए।

  3. संत के आश्रय से भी जीव का _____ होता है।

  4. भगवान स्वामिनारायण जिस संत द्वारा प्रगट हैं वह संत _____ हैं।

  5. एक समय में भगवान केवल एक ही _____ द्वारा प्रगट रहते हैं।

  6. वचनामृत ग.प्र.-41 अनुसार भगवान जैसे _____ में रहे हैं वैसे अन्य किसी में नहीं।

  7. अक्षरब्रह्म _____ पात्र होने से भगवान उसमें विशेष रूप से प्रगट रहते हैं।

  8. वचनामृत लोया-15 में _____ के प्रकाश का दृष्टांत दिया गया है।

  9. रेत, मिट्टी, पानी और काँच में प्रकाश अलग-अलग झलकता है क्योंकि _____ का भेद है।

  10. अक्षरब्रह्म _____ से पर हैं।

उत्तर

  1. संत

  2. साधु

  3. कल्याण

  4. अक्षरब्रह्म

  5. संत

  6. अक्षरब्रह्म

  7. श्रेष्ठ

  8. सूर्य

  9. पात्र की सामर्थ्य

  10. माया


प्रश्न (131-140)

  1. भगवान का सम्यक् प्रगटपन केवल _____ द्वारा कहा जाता है।

  2. आज भी लक्षणयुक्त _____ द्वारा भगवान अखंड प्रगट हैं।

  3. भगवान स्वामिनारायण ने अक्षरब्रह्म के रूप में _____ स्वामी का महिमा बताया था।

  4. गुणातीत गुरु परंपरा में गुणातीतानंद स्वामी के बाद प्रथम _____ महाराज आते हैं।

  5. भगतजी महाराज के बाद _____ महाराज आते हैं।

  6. शास्त्रीजी महाराज के बाद _____ महाराज आते हैं।

  7. योगीजी महाराज के बाद _____ महाराज आते हैं।

  8. वर्तमानकाल में प्रगट अक्षरब्रह्म के रूप में _____ महाराज विराजमान हैं।

  9. तत्त्वपंचक में माया से परे और परब्रह्म के बाद दूसरे स्थान पर आने वाला तत्त्व _____ है।

  10. अक्षरब्रह्म के लिए अक्षर, मूल अक्षर, अनादि अक्षर और _____ जैसे नाम प्रयुक्त होते हैं।

उत्तर

  1. अक्षरब्रह्म

  2. संत

  3. गुणातीतानंद

  4. भगतजी

  5. शास्त्रीजी

  6. योगीजी

  7. प्रमुखस्वामी

  8. महंतस्वामी

  9. अक्षरब्रह्म

  10. ब्रह्म


प्रश्न (141-150)

  1. 'अक्षरात् परतः परः' के अनुसार अक्षरब्रह्म से परे _____ हैं।

  2. उपासक के लिए अक्षरब्रह्म _____ के समान है।

  3. परब्रह्म भगवान स्वामिनारायण ने अक्षरब्रह्म का _____ निरूपण किया है।

  4. मुक्ति और भगवान के साक्षात्कार के लिए _____ को समझना अनिवार्य है।

  5. अक्षरब्रह्म को समझे बिना भगवान का _____ नहीं होता।

  6. 'ब्रह्मविद् आप्नोति परम्' के अनुसार ब्रह्म को जानने वाला _____ को प्राप्त करता है।

  7. स्वामिनारायण दर्शन का मूल सिद्धांत _____ होना और पुरुषोत्तम की भक्ति करना है।

  8. 'ब्रह्म वेद ब्रह्मैव भवति' के अनुसार ब्रह्म को जानने वाला _____ बनता है।

  9. ब्रह्म का संग करने से ब्रह्म का _____ जीव में आता है।

  10. अक्षरब्रह्म जीव, ईश्वर, माया और _____ से भिन्न तत्त्व है।

उत्तर

  1. परब्रह्म

  2. सेतु

  3. यथार्थ

  4. अक्षरब्रह्म

  5. निश्चय

  6. परब्रह्म

  7. अक्षररूप

  8. ब्रह्मरूप

  9. गुण

  10. परब्रह्म

प्रश्न (151-160)

  1. अक्षरब्रह्म एक और _____ है।

  2. परब्रह्म पुरुषोत्तम नारायण अक्षरब्रह्म से _____ हैं।

  3. अक्षरब्रह्म परब्रह्म का _____ नहीं है।

  4. वचनामृत ग.प्र.-45 में परब्रह्म के तेज को _____ ब्रह्म कहा गया है।

  5. अक्षरब्रह्म अनादिकाल से _____ से पर है।

  6. अक्षरब्रह्म परब्रह्म के _____ हैं।

  7. अक्षरब्रह्म अनंत कोटि ब्रह्मांडों के आधार, नियंता, द्रष्टा और _____ हैं।

  8. अक्षरब्रह्म स्वयं स्वतंत्र नहीं बल्कि _____ के अधीन हैं।

  9. अक्षरब्रह्म एक और अद्वितीय हैं, वे मेरे सर्वोत्तम _____ हैं।

  10. भगवान स्वामिनारायण अक्षरब्रह्म को _____ स्वामी के रूप में साथ लाए थे।

उत्तर

  1. अद्वितीय

  2. न्यारे

  3. तेज

  4. सच्चिदानंद

  5. माया

  6. सेवक

  7. शास्ता

  8. परब्रह्म

  9. सेवक

  10. गुणातीतानंद


प्रश्न (161-170)

  1. इस लोक में प्रकट अक्षरब्रह्म के रूप में _____ स्वामी का उल्लेख हुआ है।

  2. 'जहाँ सद्गुरु खेले वसंत' प्रसंग में श्रीजीमहाराज ने गुणातीतानंद स्वामी को _____ कहा था।

  3. 'जुगो जुग जीओ ऐसे जोगी' शब्द श्रीजीमहाराज ने _____ के लिए कहे थे।

  4. श्रीजीमहाराज ने गुणातीतानंद स्वामी को अपने _____ के रूप में पहचान कराया था।

  5. श्रीजीमहाराज ने कहा कि गुणातीतानंद स्वामी अखंड हमारी _____ धारण किए हुए हैं।

  6. श्रीजीमहाराज ने कहा कि गुणातीतानंद स्वामी हमारे जैसी _____ प्राप्त करेंगे।

  7. श्रीजीमहाराज ने कहा कि गुणातीतानंद स्वामी हमारा सर्वोपरि _____ प्रवर्तित करेंगे।

  8. 'श्रीहरिलीलाकल्पतरु' ग्रंथ _____ महाराज ने तैयार करवाया था।

  9. पोषी पूर्णिमा, संवत 1866 में मूलजी शर्मा को _____ दी गई थी।

  10. श्रीहरि ने मूलजी शर्मा को अपना मूर्तिमान _____ कहा था।

उत्तर

  1. गुणातीतानंद

  2. मूल अक्षर

  3. गुणातीतानंद स्वामी

  4. अक्षरब्रह्म

  5. मूर्ति

  6. महिमा

  7. ज्ञान

  8. रघुवीरजी

  9. दीक्षा

  10. अक्षरब्रह्मधाम


प्रश्न (171-180)

  1. मूलजी शर्मा श्रीहरि का _____ धाम हैं।

  2. मालजी सोनी से गोपालानंद स्वामी ने कहा कि गुणातीतानंद स्वामी ही _____ हैं।

  3. नृसिंहानंद स्वामी ने कहा कि गुणातीतानंद स्वामी स्वयं _____ हैं।

  4. श्रीविहारीलालजी महाराज ने गुणातीतानंद स्वामी को _____ मूर्ति कहा है।

  5. 'अक्षरमूर्ति गुणातीतानंद स्वामी' शब्द _____ ग्रंथ में आते हैं।

  6. वंथली में देवजीभाई से स्वामी ने कहा, 'यह तुम्हारे घर में बैठा है, वही _____ है।'

  7. स्वामी की बातों के अनुसार 'महाराज को पुरुषोत्तम जानना और इस साधु को _____ जानना।'

  8. गुणातीतानंद स्वामी के अक्षरब्रह्म-स्वरूप के लिए संप्रदाय में _____ प्रमाण उपलब्ध हैं।

  9. गुणातीतानंद स्वामी के नाम के आगे “मूल अक्षर” अथवा “_____” लिखा हुआ मिलता है।

  10. गुणातीतानंद स्वामी के अग्निसंस्कार का स्थान “_____” के नाम से प्रसिद्ध है।

उत्तर

  1. मूल अक्षर

  2. अक्षर

  3. अक्षरधाम

  4. अक्षरमूर्ति

  5. कीर्तनकौस्तुभमाला

  6. अक्षर

  7. अक्षर

  8. ऐतिहासिक

  9. अनादि मूल अक्षर

  10. अक्षर देरी


प्रश्न (181-190)

  1. अक्षरब्रह्म गुणातीतानंद स्वामी ने कहा, “मैं तो _____ हूँ।”

  2. अक्षरब्रह्म पृथ्वी पर _____ गुरु-परंपरा स्वरूप प्रगट रहता है।

  3. योगीजी महाराज ने कहा कि अक्षरब्रह्म पृथ्वी पर सदैव _____ रहता है।

  4. अनादि गुणातीत में महाराज रहे हैं, अभी भी हैं और _____ भी रहेंगे।

  5. यह ब्रह्मांड रहेगा तब तक अक्षरब्रह्म _____ गुरु-परंपरा स्वरूप प्रगट रहेगा।

  6. गुणातीतानंद स्वामी के बाद प्रथम _____ महाराज प्रगट हुए।

  7. योगीजी महाराज के बाद _____ महाराज स्वरूप अक्षरब्रह्म प्रगट रहे।

  8. वर्तमान में प्रगट ब्रह्मस्वरूप _____ महाराज विराजमान हैं।

  9. ब्राह्मीस्थिति, एकांतिक स्थिति और गुणातीत स्थिति के लक्षण प्रगट _____ के जीवन में सहज सिद्ध होते हैं।

  10. आत्यंतिक कल्याण के लिए मुमुक्षु को प्रगट _____ के प्रति दृढ़ प्रीति रखनी चाहिए।

उत्तर

  1. चिरंजीव

  2. गुणातीत

  3. विराजमान

  4. भविष्य में

  5. गुणातीत

  6. भगतजी

  7. प्रमुखस्वामी

  8. महंतस्वामी

  9. अक्षरब्रह्म

  10. अक्षरब्रह्मस्वरूप गुरुहरि


प्रश्न (191-200)

  1. यह शरीर मुक्ति का साधन है, केवल _____ का साधन नहीं है।

  2. दुर्लभ और नश्वर ऐसा यह शरीर बार-बार _____ नहीं मिलता।

  3. सभी दोषों को टालने, ब्रह्मस्थिति प्राप्त करने और भगवान की _____ करने के लिए यह शरीर मिला है।

  4. यह सब _____ करने से अवश्य प्राप्त होता है।

  5. मुमुक्षुओं को सदा _____ करना चाहिए।

  6. सत्संगियों को कभी _____ नहीं करनी चाहिए।

  7. धर्म के लिए भी _____ कभी नहीं करनी चाहिए।

  8. मनुष्य, पशु, पक्षी आदि किसी भी जीव की _____ नहीं करनी चाहिए।

  9. _____ परम धर्म है।

  10. हिंसा _____ है।

उत्तर

  1. भोग

  2. मिलता

  3. भक्ति

  4. सत्संग

  5. सत्संग

  6. चोरी

  7. चोरी

  8. हिंसा

  9. अहिंसा

  10. अधर्म

प्रश्न (201-210)

  1. मन, वचन या कर्म से हिंसा करने पर उसमें स्थित _____ भगवान दुःखी होते हैं।

  2. भगवान सर्वकर्ता, दयालु और सबका _____ करने वाले हैं।

  3. भगवान ही सदा मेरे सभी _____ दूर करने वाले हैं।

  4. भगवान जो करते हैं वह सदा _____ के लिए होता है।

  5. उनकी इच्छा ही मेरा _____ है।

  6. वे ही मेरे _____ हैं।

  7. बाह्य और आंतरिक सभी प्रकार की _____ का पालन करना चाहिए।

  8. श्रीहरि को _____ प्रिय है।

  9. शुद्धिवान मनुष्य पर श्रीहरि _____ होते हैं।

  10. _____ किए बिना भोजन नहीं करना चाहिए।

उत्तर

  1. स्वामिनारायण

  2. रक्षण

  3. संकट

  4. अच्छे

  5. प्रारब्ध

  6. तारक

  7. शुद्धि

  8. शुद्धि

  9. प्रसन्न

  10. पूजा


प्रश्न (211-220)

  1. यात्रा में भी _____ का त्याग नहीं करना चाहिए।

  2. घर के सदस्यों को प्रतिदिन मिलकर _____ करनी चाहिए।

  3. घरसभा में भजन, गोष्ठी तथा _____ का वाचन करना चाहिए।

  4. सभी सत्संगियों को प्रतिदिन निकट स्थित _____ में दर्शन करने जाना चाहिए।

  5. सुबह, शाम या अपने _____ समय में मंदिर दर्शन के लिए जाना चाहिए।

  6. सत्संग की दृढ़ता के लिए प्रत्येक _____ सभा में जाना चाहिए।

  7. सभा निकट स्थित मंदिर या _____ में भरनी चाहिए।

  8. सत्संग की _____ के लिए नियमित सभा में जाना चाहिए।

  9. पूजा किए बिना पानी आदि भी _____ नहीं चाहिए।

  10. घरसभा में शास्त्रों का _____ करना चाहिए।

उत्तर

  1. पूजा

  2. घरसभा

  3. शास्त्रों

  4. मंदिर

  5. अनुकूल

  6. सप्ताह

  7. मंडल

  8. दृढ़ता

  9. पीना

  10. वाचन


प्रश्न (221-230)

  1. हमारे इष्टदेव, गुरु और _____ एक ही हैं।

  2. हमारी सदा _____ है।

  3. भगवान सदा सर्वकर्ता, साकार और _____ हैं।

  4. अक्षरब्रह्मस्वरूप _____ द्वारा भगवान सदा प्रगट रहते हैं।

  5. अक्षरब्रह्म गुरु के प्रति दृढ़ _____ और आत्मबुद्धि रखनी चाहिए।

  6. अक्षरब्रह्म गुरु की सेवा तथा _____ करना चाहिए।

  7. अपने आत्मा को _____ रूप मानना चाहिए।

  8. निंदा, लज्जा, भय या कठिनाइयों के कारण कभी _____ का त्याग नहीं करना चाहिए।

  9. भगवान और भक्तों की सेवा अपने _____ के लिए करनी चाहिए।

  10. सत्संग और भजन के बिना व्यर्थ _____ नहीं बिताना चाहिए।

उत्तर

  1. सिद्धांत

  2. एकता

  3. सर्वोपरी

  4. गुरु

  5. प्रीति

  6. ध्यान

  7. ब्रह्म

  8. सत्संग

  9. मोक्ष

  10. काल


प्रश्न (231-240)

  1. सदैव _____ तथा प्रमाद का त्याग करना चाहिए।

  2. भजन करते-करते _____ करनी चाहिए।

  3. आज्ञा अनुसार क्रिया करने से क्रिया का _____ नहीं आता।

  4. हमें अक्षर और _____ दोनों यहीं प्राप्त हुए हैं।

  5. अक्षरब्रह्म गुरु के _____ आत्मसात करने चाहिए।

  6. परब्रह्म की अनुभूति के लिए गुरु के _____ का मनन करना चाहिए।

  7. ब्रह्म और परब्रह्म के _____ की बातें निरंतर करनी चाहिए।

  8. मुमुक्षु को सत्संगियों के प्रति _____ भाव रखना चाहिए।

  9. भगवान और गुरु की _____ का सदैव पालन करना चाहिए।

  10. आज्ञा को सदैव आनंद, उत्साह और _____ के साथ पालन करना चाहिए।

उत्तर

  1. आलस्य

  2. क्रिया

  3. मान

  4. पुरुषोत्तम

  5. गुण

  6. प्रसंगों

  7. महिमा

  8. सुहृद

  9. आज्ञा

  10. महिमा


प्रश्न (241-250)

  1. सब कुछ स्वामिनारायण भगवान की _____ से मेरे हित के लिए होता है।

  2. स्वामिनारायण भगवान तथा गुरु को प्रतिदिन _____ करनी चाहिए।

  3. मैं अक्षर हूँ, पुरुषोत्तम का _____ हूँ।

  4. द्वेष से भरी कुत्सित _____ नहीं बोलनी चाहिए।

  5. हित करने वाला _____ बोलना चाहिए।

  6. किसी के साथ विवाद या _____ नहीं करना चाहिए।

  7. सदैव _____ से व्यवहार करना चाहिए।

  8. गृहस्थ सत्संगी को _____ की सेवा करनी चाहिए।

  9. प्रतिदिन माता-पिता के _____ में नमस्कार करना चाहिए।

  10. पुरुषों और स्त्रियों को _____ दृष्टि नहीं रखनी चाहिए।

उत्तर

  1. इच्छा

  2. प्रार्थना

  3. दास

  4. वाणी

  5. सत्य

  6. कलह

  7. विवेक

  8. माता-पिता

  9. चरणों

  10. कु


प्रश्न (251-260)

  1. निकट संबंध न रखने वाली स्त्री का _____ नहीं करना चाहिए।

  2. अश्लील _____ कभी नहीं देखना चाहिए।

  3. कामवासना बढ़ाने वाली _____ या गीत नहीं सुनने चाहिए।

  4. सत्संगी को _____ नहीं करना चाहिए।

  5. दिया हुआ _____ निभाना चाहिए।

  6. विदेश या अन्य स्थान पर जाएँ तब भी _____ करना चाहिए।

  7. विद्यार्थी को अपना अध्ययन _____ चित्त से करना चाहिए।

  8. कुमार तथा युवा अवस्था में विशेष _____ रखना चाहिए।

  9. शक्ति का नाश करने वाले अनुचित _____ का त्याग करना चाहिए।

  10. शक्ति का नाश करने वाले अनुचित स्पर्श और _____ का त्याग करना चाहिए।

उत्तर

  1. स्पर्श

  2. दृश्य

  3. बातें

  4. विश्वासघात

  5. वचन

  6. सत्संग

  7. स्थिर

  8. संयम

  9. स्पर्श

  10. दृश्य


प्रश्न (261-271)

  1. अच्छा फल देने वाला और _____ करने वाला साहस करना चाहिए।

  2. केवल अपने मन और लोगों का _____ करने वाला साहस नहीं करना चाहिए।

  3. जो प्रयास अवश्य करना हो उसमें कभी _____ नहीं करनी चाहिए।

  4. भगवान के प्रति _____ और प्रीति रखनी चाहिए।

  5. प्रतिदिन _____ करनी चाहिए और सत्संग करना चाहिए।

  6. इस संसार में _____ बलवान है।

  7. जैसा संग होता है वैसा _____ बनता है।

  8. अच्छे _____ का संग करना चाहिए।

  9. _____ का पूर्ण त्याग करना चाहिए।

  10. मुमुक्षु हरिभक्तों को सत्संग में रहे हुए _____ को भी पहचानना चाहिए।

  11. कभी _____ का संग नहीं करना चाहिए।

उत्तर

  1. उन्नति

  2. रंजन

  3. आलस्य

  4. श्रद्धा

  5. पूजा

  6. संग

  7. जीवन

  8. मनुष्यों

  9. कुसंग

  10. कुसंग

  11. कुसंग

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પ્રેક્ટિસ ટેસ્ટ - 4 - solution

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