1. आज भी लक्षणयुक्त _____ द्वारा भगवान अखंड प्रगट हैं।
A. विद्वान
B. गुणातीत संत
C. गृहस्थ
D. राजा
उत्तर: B. गुणातीत संत
2. 'ब्रह्म वेद ब्रह्मैव भवति' के अनुसार ब्रह्म को जानने वाला क्या बनता है?
A. ईश्वर
B. ब्रह्मरूप
C. राजा
D. संन्यासी
उत्तर: B. ब्रह्मरूप
3. मूलजी शर्मा को श्रीहरि ने अपना मूर्तिमान अक्षरब्रह्मधाम कहा था।
A. सही
B. गलत
उत्तर: A. सही
4. ब्राह्मीस्थिति, एकांतिक स्थिति और गुणातीत स्थिति जैसे लक्षण किसके जीवन में सहज सिद्ध होते हैं?
A. सामान्य संत
B. प्रगट अक्षरब्रह्म गुरु
C. गृहस्थ भक्त
D. ईश्वर
उत्तर: B. प्रगट अक्षरब्रह्म गुरु
5. घरसभा में भजन, गोष्ठी तथा _____ करना चाहिए।
A. शास्त्रों का पठन
B. व्यापार
C. राजनीति
D. मनोरंजन
उत्तर: A. शास्त्रों का पठन
6. अक्षरब्रह्म गुरु के _____ आत्मसात करने चाहिए।
A. गुण
B. दोष
C. विवाद
D. नियमभंग
उत्तर: A. गुण
7. कुमार तथा युवा अवस्था में विशेष संयम रखना चाहिए।
A. सही
B. गलत
उत्तर: A. सही
8. मुमुक्षु हरिभक्तों को कभी किसका संग नहीं करना चाहिए?
A. कुसंग
B. अच्छे मनुष्य
C. संत
D. हरिभक्त
उत्तर: A. कुसंग
9. तत्त्वपंचक में माया से परे और परब्रह्म के बाद दूसरे स्थान पर कौन-सा तत्त्व आता है?
A. जीव
B. अक्षरब्रह्म
C. ईश्वर
D. माया
उत्तर: B. अक्षरब्रह्म
10. समर्थ भगवान के भक्त संत और भगवान में कोई _____ नहीं है।
A. महिमा
B. भेद
C. संबंध
D. प्रकाश
उत्तर: B. भेद
11. परब्रह्म पाँचों तत्त्वों में कैसा तत्त्व है?
A. सर्वोच्च तत्त्व
B. जीव तत्त्व
C. माया तत्त्व
D. ईश्वर तत्त्व
उत्तर: A. सर्वोच्च तत्त्व
12. दुर्लभ और नाशवान यह शरीर बार-बार _____ नहीं है।
A. टिकता
B. मिलता
C. बनता
D. देखता
उत्तर: B. मिलता
13. श्रीहरिलीलाकल्पतरु ग्रंथ किसने तैयार करवाया था?
A. शास्त्रीजी महाराज
B. रघुवीरजी महाराज
C. विहारीलालजी महाराज
D. गोपालानंद स्वामी
उत्तर: B. रघुवीरजी महाराज
14. भगवान स्वामिनारायण ने अक्षरब्रह्म के रूप में किसका महिमा बताया था?
A. मुक्तानंद स्वामी
B. गुणातीतानंद स्वामी
C. गोपालानंद स्वामी
D. निष्कुलानंद स्वामी
उत्तर: B. गुणातीतानंद स्वामी
15. निम्न में से कौन-सा कार्य अभूतपूर्व बताया गया है?
A. यात्रा करना
B. अपनी मूर्ति इष्टदेव रूप में प्रतिष्ठित करना
C. सभा करना
D. शिक्षापत्री लिखना
उत्तर: B. अपनी मूर्ति इष्टदेव रूप में प्रतिष्ठित करना
16. निम्न में से कौन-सा गुण परब्रह्म के लिए लिखा गया है?
A. कर्मफलदाता
B. बंधनकर्ता
C. मायाधीन
D. अज्ञानी
उत्तर: A. कर्मफलदाता
17. मुक्त हुआ जीव किन कर्मों से मुक्त हो जाता है?
A. केवल प्रारब्ध
B. केवल संचित
C. प्रारब्ध, क्रियमाण, संचित
D. केवल क्रियमाण
उत्तर: C. प्रारब्ध, क्रियमाण, संचित
18. जीव एक चैतन्य तत्त्व है।
A. सही
B. गलत
उत्तर: A. सही
19. ब्रह्मज्ञान परमपद प्राप्त करने का निर्विघ्न मार्ग है।
A. गलत
B. सही
उत्तर: B. सही
20. अनुभव और साक्षात्कार के लिए संस्कृत में “_____” शब्द का प्रयोग होता है।
A. उपासना
B. वचनामृत
C. दर्शन
D. प्रस्थान
उत्तर: C. दर्शन
21. संप्रदाय की रचना क्यों होती है?
A. वाद-विवाद के लिए
B. प्रभाव के लिए
C. पंथ बनाने के लिए
D. मुमुक्षु आगे बढ़ सकें
उत्तर: D. मुमुक्षु आगे बढ़ सकें
22. प्रस्थानत्रयी सनातन धर्म का साररूप है।
A. गलत
B. सही
उत्तर: B. सही
23. तत्त्वज्ञान भौतिक सुख प्राप्त करने का मार्ग है।
A. सही
B. गलत
उत्तर: B. गलत
24. नित्य तत्त्वों का ज्ञान अर्थात जिसकी उत्पत्ति और विनाश नहीं है।
A. सही
B. गलत
उत्तर: A. सही
25. पाँचों तत्त्व _____ हैं।
A. अस्थायी
B. आभासी
C. नित्य
D. काल्पनिक
उत्तर: C. नित्य
26. मुक्त जीव को पुनः जन्म लेना पड़ता है।
A. गलत
B. सही
उत्तर: A. गलत
27. परब्रह्म एक और अद्वितीय है।
A. सही
B. गलत
उत्तर: A. सही
28. वचनामृत ग.म.-13 अनुसार भगवान की मूर्ति कैसी है?
A. अत्यंत प्रकाशमय
B. जड़
C. निराकार
D. अदृश्य
उत्तर: A. अत्यंत प्रकाशमय
29. श्रीहरि का प्रगटपन _____ की परंपरा द्वारा चलता रहता है।
A. देवता
B. परमहंस
C. अक्षरब्रह्म गुणातीत सत्पुरुष
D. राजवी भक्त
उत्तर: C. अक्षरब्रह्म गुणातीत सत्पुरुष
30. अक्षरब्रह्म स्वयं स्वतंत्र नहीं हैं बल्कि _____ के अधीन हैं।
A. परब्रह्म
B. जीव
C. ईश्वर
D. माया
उत्तर: A. परब्रह्म
31. पुराने मंदिरों की पट्टिकाओं और शिलालेखों में गुणातीतानंद स्वामी के नाम के आगे क्या लिखा मिलता है?
A. परमहंस
B. मूल अक्षर
C. महंत
D. योगी
उत्तर: B. मूल अक्षर
32. स्वामिनारायणी साधना का सार क्या बताया गया है?
A. मन, कर्म, वचन से गुरुहरी को राजी करना
B. केवल शास्त्र पढ़ना
C. केवल तप करना
D. केवल यात्रा करना
उत्तर: A. मन, कर्म, वचन से गुरुहरी को राजी करना


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